चन्द्रो में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में भागवत भूषण बाल संत मंयक जी महाराज के श्री मुख से धाराप्रवाह भगवत कथा से भक्तिमय माहौल बन गया मंयक जी महाराज महायज्ञ में कहा कि श्री व्यास जी ने भगवान राम के पावन वंश की कथा सुनाई जिसमें नारायण से लेकर राम जन्म तक हजारों राजाओं का नाम गिनाया। और यह कहा की कृष्ण का अवतार तो 3 कार्यों को करने के लिए होता है साधुओं की रक्षा करने के लिए ,दुष्टों को मारने के लिए धर्म की स्थापना के लिए ।परम श्री राम जी का अवतार तो इन तीन कार्यों के लिए नहीं होता हुआ। श्री राम जी के शिष्य ही यह तीनों काम कर देते हैं। हनुमान जी साधु की रक्षा करते हैं, लक्ष्मण जी दुष्टों का विनाश करते हैं, भरत जी धर्म की रक्षा करते हैं तो श्री राम जी क्यों आते हैं? राम का जन्म मानवों को मानवता का पाठ पढ़ाने के लिए होता ।है
राम जन्म जग में मंगल हेतु होता हैं।
भगवान राम जी हम सबको संस्कार सिखाए जाने के लिए आते हैं
प्रातः हम उठकर माता-पिता को प्रणाम करें आजकल लोग रात्रि में 11:00 बजे तक जगते हैं सुबह 9:00 बजे तक सो कर उठते हैं राम जी यही सिखाते हैं कि विद्यार्थी जीवन में गुरु के प्रति निष्ठा कैसी होती चाहिए, पिता की आज्ञा पालन करने के लिए 14 वर्ष का वनवास चले गए, राम जी को राम जी के संस्कार नहीं इतना बड़ा बना दिया कि वे बैरिहू राम बड़ाई बड़ाई कर ही
हनुमत नाटक में स्वयं मंदोदरी कहती हैं की घन्यो राम त्वया भाता। धन्य ःराम व्यया पिता ।धन्यो राम त्वयां वंश। परदारान न पश्यसि।।
हे राम तुम्हारी मां धन्य है। पिता धन्य है तुम्हारा वंश धन्य हैं जो कभी पराई स्त्री नहीं देता ।श्रीराम ने आदर्श स्थापित करते जगत को नई दिशा दी है।
माता बादल पांडे, बाल कृष्ण शास्त्री ,कुल पुरोहित जय प्रकाश पांडे, पंडित राम अशोक पंडित लयबद्ध संगीत के माध्यम से भागवत ज्ञान यज्ञ को रोचक बनाए रहे हैं ।मुख्य जजमान अपने कुल पुरोहित जय प्रकाश पांडे को निर्देशक में ज्ञान यज्ञ को वैदिक रीति रिवाजों से पूजन अर्चन कर आ रहे हैं ।
सरदार सिंह ,प्रमोद कुमार सिंह, विनोद कुमार सिंह श्रीमती तारा सिंह ,सुप्रिया सिंह ,सीमा सिंह ,शेखर प्रसाद सिंह ,प्रखर प्रताप सिंह ,प्रिंस सिंह, प्रमिला सिंह ,लाल बिहारी ,दुर्गा प्रसाद मिश्र ,राजू पांडे ,वीरेंद्र सिंह ,रणजीत सिंह, इंद्रदेव सिंहआदि भक्तजन उपस्थित रहें।