एनआरसी वार्ड में हुआ कुपोषित बालिका का इलाज
बस्ती,
11 माह की आरोही अब अपने पैरों पर खेल रही है। दस दिन में उसका लगभग 1. 30 किलो रिकार्ड वजन बढ़ा है। यह सब कुछ संभव हो पाया है पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में हुये इलाज और देखभाल से। बहादुरपुर ब्लॉक के प्रतापपुर निवासी मुकेश कुमार किसान हैं। पहली औलाद 11 माह की बेटी है। पैदाइश के बाद से वह लगातार कमजोर होती जा रही थी। मुकेश कुमार का कहना है कि लॉकडाउन व कोरोना के भय के कारण वे लोग बच्ची का कहीं इलाज नहीं करा पा रहे थे।
स्थिति थोड़ी सामान्य होने पर वह बच्ची को इसे लेकर जिला अस्पताल आए तथा बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय यादव को दिखाया। डॉ. यादव ने बच्ची को तत्काल एनआरसी में भर्ती कराने की सलाह दी। एनआरसी वार्ड की इंचार्ज सिस्टर सुधा के अनुसार पहली जुलाई को जब बच्ची को भर्ती कराया गया था, उस समय उसका वजन चार किलोग्राम था, जो मानक से कम था। इलाज के साथ उसकी डाईट पर विशेष ध्यान दिया, जिसके परिणाम स्वरूप इस समय वजन 5ः30 किलोग्राम हो गया है। इस समय बच्ची वार्ड में खेलती है तथा परिवार काफी खुश है।
सुरक्षित माहौल में कराया जा रहा है इलाज
एनआरसी के नोडल अधिकारी डॉ. नवल वर्मा का कहना है कि कोरोना कॉल में भी वार्ड पूरी तरह सुरक्षित है। कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। तीमारदार को फिजिकल डिस्टेंस आदि के पालन की पूरी जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि समय-सयम पर वार्ड को सैनेटाइज कराने के साथ ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहां भर्ती होने वाले बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए पूरा ध्यान रखा जा रहा है।